कवि डॉ. कुमार विश्वास ने की माँ इंद्रावती और दंतेश्वरी की जय-जयकार, वीडियो हो रहा वायरल

बस्तर : मशहूर कवि और साहित्यकार डॉ. कुमार विश्वास ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक समृद्धि को सलाम करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर छत्तीसगढ़ के नक्शे की एक तस्वीर के साथ माँ इंद्रावती, माता दंतेश्वरी, दंडकारण्य और बस्तर की जय-जयकार की। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जय माँ इंद्रावती, जय-जय माता दंतेश्वरी, जय-जय दंडकारण्य, जय-जय बस्तर जय छत्तीसगढ़ महतारी “। इस पोस्ट ने छत्तीसगढ़ के लोगों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही बटोर रही है।
https://x.com/DrKumarVishwas/status/1907726763184001216?t=44vA7ttLLkpIDCXD_nnwBQ&s=19
छत्तीसगढ़ की सैर पर डॉ. कुमार विश्वास
डॉ. कुमार विश्वास इन दिनों छत्तीसगढ़ की यात्रा पर हैं और उनकी यह पोस्ट उनके बस्तर आगमन की खुशी को दर्शाती है। उनके प्रशंसकों ने इस पोस्ट पर जमकर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर @sparsh_ii
ने लिखा, “माँ इंद्रावती की कृपा से छत्तीसगढ़ की मिट्टी सोना है! जय माँ दंतेश्वरी जी, जय माँ बस्तरिया देवी जी छत्तीसगढ़ की सुंदरता और समृद्धि को देखकर गर्व होता है।” उन्होंने दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी माँ, बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और रायपुर की आधुनिकता की तारीफ की। वहीं, एक अन्य यूजर @Im_SKJoshi ने पूछा, “चित्रकोट आए हो क्या सर?” और उनके पहले बस्तर आगमन पर शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर
छत्तीसगढ़, जिसे भारत का हरा-भरा राज्य कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। डॉ. विश्वास ने जिन माँ इंद्रावती और दंतेश्वरी का उल्लेख किया, वे इस क्षेत्र की आध्यात्मिक और प्राकृतिक पहचान का प्रतीक हैं। माँ दंतेश्वरी का मंदिर दंतेवाड़ा में स्थित है, जो 14वीं शताब्दी में निर्मित एक ऐतिहासिक मंदिर है और 52 शक्ति पीठों में से एक है। यह मंदिर बस्तर दशहरा उत्सव का केंद्र है, जिसमें हजारों आदिवासी और स्थानीय लोग माता के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं।
वहीं, इंद्रावती नदी को बस्तर का ऑक्सीजन कहा जाता है। यह नदी ओडिशा के कालाहांडी जिले से निकलकर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रवेश करती है और अपनी सहायक नदियों के साथ इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाए रखती है। इंद्रावती नदी पर बना अपर इंद्रावती हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भारत के सबसे बड़े बांधों में से एक है, जो 600 मेगावाट बिजली उत्पादन करता है।
छत्तीसगढ़ को पर्यटन का आदर्श स्थल बनाने की अपील
डॉ. विश्वास की पोस्ट ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई चर्चा शुरू कर दी है। उनके एक प्रशंसक @sisterofsuraj ने सुझाव दिया, “छत्तीसगढ़ का आपको ब्रांड एम्बेसडर बना देना चाहिए।” छत्तीसगढ़ में चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा कहा जाता है, और बस्तर की आदिवासी संस्कृति पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा, कांकेर पैलेस और महंत घासी मेमोरियल म्यूजियम जैसे स्थल इस राज्य की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।
सोशल मीडिया पर उत्साह
डॉ. विश्वास की इस पोस्ट को अब तक हजारों लाइक्स और कमेंट्स मिल चुके हैं। उनके प्रशंसक न केवल उनकी कविता और साहित्य के लिए बल्कि छत्तीसगढ़ की सुंदरता को सामने लाने के लिए भी उनकी सराहना कर रहे हैं। एक यूजर @BusMereShyam ने लिखा, “कुमार विश्वास जी, आपका ये आनंद यूंही बना रहे ।” वहीं, @AprajitaKumar74 ने कहा, “जय मां जय दंडकारण्य ।”
छत्तीसगढ़ की महतारी को सलाम
डॉ. कुमार विश्वास की यह पोस्ट छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। उनकी यह यात्रा और पोस्ट न केवल इस राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को राष्ट्रीय मंच पर ला रही है, बल्कि लोगों को इस खूबसूरत राज्य की सैर करने के लिए भी प्रेरित कर रही है। छत्तीसगढ़, अपनी हरियाली, आदिवासी संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर के साथ, वाकई में भारत का एक अनमोल रत्न है।